तीन दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का हुआ शुभारंभ, प्रथम दिन मीरा की कृष्ण भक्ति का किया भावपूर्ण वर्णन गरोठ। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों और उनके दिव्य चरित्र को अपने जीवन में उतारने का पर्व है। हमें जन्माष्टमी इस भाव के साथ मनानी चाहिए कि भगवान श्रीकृष्ण केवल हमारे मंदिरों में ही नहीं, बल्कि हमारे विचारों, व्यवहार और जीवन में भी समा जाएं। यह बात कथा व्यास श्रीपाद सेवाप्रिय हरिदास प्रभुजी ने गरोठ स्थित श्री खाटू श्याम मंदिर में आयोजित तीन दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के प्रथम दिवस श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कही। कथा के प्रथम दिन प्रभुजी ने श्रीमद् भागवत के विभिन्न प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन करते हुए भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, प्रेम और समर्पण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विशेष